पंजीकरण संख्या KAP/03285/2022-2023 - शिक्षामित्र केयर समिति - उत्तर प्रदेश
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सेवा परमो धर्म:

शिक्षामित्र केयर समिति की स्थापना 28 जून 2022 को प्रदेश के शिक्षामित्रों के द्वारा, शिक्षामित्रों के लिए, आकस्मिक सहयोग हेतु बनाई गयी उत्तर प्रदेश पहली समिति है शिक्षामित्र केयर समिति से जुड़ने के लिए शिक्षामित्र स्वेच्छा से समस्त नियम एवं शर्तो को पढ़कर अपनी सहमति के उपरांत वेबसाइट https://scsup.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करके जुड़ सकते हैं।

शिक्षामित्र केयर समिति से जुड़ने हेतु किसी भी प्रकार का सदस्यता शुल्क नही लिया जाता है। इसमें सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी शिक्षामित्र को बाध्य करके शिक्षामित्र केयर समिति से नही जोड़ा जाता बल्कि शिक्षामित्र स्वेच्छा से जुड़ते हैं।

शिक्षामित्र केयर समिति केयर समिति का रजि० नंबर- : KAP / 03285/2022-23 है।

मुख्य नियम (सदस्यो हेतु)

  1. शिक्षामित्र केयर समिति का निर्माण दुःख की घड़ी में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्र, सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षामित्र व शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने लोगों के लिए किया गया है। जिसमें सर्वसम्मति से तीन प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। जो की SCS की उपलब्धि में दर्शाया गया है।
  2. शिक्षामित्र केयर समिति से जुड़ने हेतु आवश्यक सूचना संबंधी फ़ार्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है, साथ ही SCS का टेलीग्राम, जिलों के आधिकारिक वाट्सअप पर ग्रुप बनाया गया है, जिसपर समय-समय पर सहयोग, नियम या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदान की जाती रहेंगी। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने संबंधी पोल या विचार सुझाव आदि के दृष्टिगत ग्रुप के सदस्यों को भी विचार रखने और पोल में भाग लेने का अवसर दिया जाता रहेगा। यही कारण है कि SCS का सदस्य बनने के साथ ही महत्वपूर्ण सूचनाओं से अपडेट रहने हेतु टेलीग्राम ग्रुप को सप्ताह में कम से कम 2 बार देखने और अपडेट रहने की भी बाध्यता रखी गयी है। कोई भी सदस्य अगर टेलीग्राम ग्रुप नियमतः नहीं देखता और संबंधित सूचनाएं यदि नहीं प्राप्त कर पाता तो संबंधित शिक्षामित्र/सदस्य स्वयं जिम्मेदार होगा। फिर भी प्रयास किया जाता है कि अन्य सोशल मिडिया प्लेटफार्म तथा जनपदीय कोर टीम के माध्यम से भी आवश्यक सूचनाओं का प्रसारण किया जाता रहेगा। SCS का प्रथम दिवस से नियम है - जो सहयोग करेगा, उसे ही सहयोग मिलेगा।SCS में प्रथम दिवस से सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है, टीम से जुड़ने के लिए कोई शुल्क नही लगता, केवल आपको व्यवस्था शुल्क देना है वर्ष में एक बार। साथ ही दिवंगत सदस्यो के परिवार में नॉमिनी को सहयोग, बेटी की शादी के लिए सहयोग, पेंशन का सहयोग जरुरी होगा।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  3. बहुत आवश्यक सूचनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु ईमेल व दो मोबाइल नंबरों की व्यवस्था की गई है।
  4. SCS द्वारा हेल्पलाइन नंबर 9451051384 व 9451417384 प्रदेश के सदस्यों की सुविधा हेतु जारी किया गया है, जिस पर कॉल /व्हाट्सएप्प के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है। कोई भी सदस्य इस नम्बर पर कॉल या मैसेज करके सूचना ले/दे सकता है। समय 10am to 5pm
  5. SCS के समस्त सदस्यो को सहयोग करना अनिवार्य होगा। जो सहयोग करेगा उसी को सहयोग मिलेगा। नियमो के दुरुपयोग होने की संभावना के दृष्टिगत फाउंडर मेंबर्स द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय के बाद 45, 60 दिन का लॉकिंग पीरियड दिनांक 24/07/2022 से घोषित किया गया।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू होंगे , समिति के फाउंडर मेंबर द्वारा केवल लॉकिंग पीरियड के नियमो में, देय धनराशि में बदलाव हो सकता है बाकी सभी नियम यथावत रहेंगे।)
    1. 45 दिन के लॉकिंग पीरियड से तात्पर्य यह है कि यदि कोई शिक्षामित्र 25 जुलाई 2022 को रजिस्ट्रेशन करता है यदि उसकी मृत्य सदस्य बनने के 44 वें दिन हो जाती है, तो उसे सहयोग नहीं किया जायेगा। सहयोग 45 दिन का लॉकिंग पीरियड पूर्ण करने के बाद ही दिया जाएगा। शिक्षामित्र यह सुनिश्चित करले की फार्म में संपूर्ण प्रविष्टियां सही-सही भरी गई है एवं फार्म भरते समय आपका व्यवस्था शुल्क जमा हो गया है क्योंकि आपका फार्म एक्टिवेट तभी होगा जब आप व्यवस्था शुल्क जमा करते हैं।
    2. यदि किसी ऐसे सदस्य शिक्षामित्र या सहायक अध्यापक शिक्षामित्र की बेटी की शादी है जो कि आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है ऐसी दशा में शिक्षामित्र बेटी की शादी का कार्ड वा एक प्रार्थना पत्र समिति के फाउंडर मेंबर को उपलब्ध कराएगा। फाउंडर मेंबर उस कार्ड, पत्र को वेबसाइट पर अपलोड करके प्रत्येक सदस्य से तय नियम के अनुसार ₹20 की धनराशि बेटी अथवा पिता के अकाउंट में सभी सदस्य सहयोग करेंगे।
    3. यदि शिक्षामित्र अथवा शिक्षामित्र से बने सहायक अध्यापक आत्महत्या या कोई ऐसा कार्य करते हैं जिससे मृत्यु आत्महत्या प्रतीत होती है ऐसी दशा में किसी भी प्रकार का कोई शुल्क देय नहीं होगा। उपरोक्त की जांच जिले के तीन से चार लोगों की कमेटी के द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। यदि आत्महत्या का प्रकरण सामने नहीं आता है तो समिति के सारे नियम लागू होंगे।
      (समस्त नियम स्थापना के समय से लागू है, केवल लॉकिंग पीरियड के नियमो में ही भविष्य में आवश्यकतानुसार फाउंडर मेंबर्स की सहमति पर बदलाव किया जा सकता है।)
    4. SCS समिति सहयोग के आह्वान हेतु अपने स्वविवेक का भी इस्तेमाल करके निर्णय लेने को भी स्वतंत्र होगी, वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेगी अपने स्तर से परीक्षण करने को स्वतंत्र होगी। कोई भी सदस्य/नॉमिनी सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा/अधिकार नही कर सकेगा,बल्कि संस्था नैतिकरूप से सहयोग करवाने का प्रयास करेगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है)
    5. SCS समिति दिवंगत सदस्यों के एक से अधिक नॉमिनी होने की स्थिति में समिति को जो सही लगेगा उसी आधार पर नॉमिनी को सहयोग सुनिश्चित करने हेतु स्वविवेक एवं स्वतः हस्तक्षेप करने को स्वतंत्र होगी, जिस पर लाभार्थी द्वारा किसी भी प्रकार की कानूनी या गैर कानूनी कदम नही उठाया जा सकेगा। लाभार्थी या उसके परिवार द्वारा संस्था के प्रति मिथ्या आरोप लगाने/ भ्रम फैलाने / दुष्प्रचार करने या दुर्व्यवहार करने पर सहयोग की गई राशि वापस करवाकर किसी अन्य दिवंगत परिवार को हस्तांतरित करवाने का अधिकार रखती है। ऐसे मामलों में टीम कानूनी कार्यवाही भी करने के लिए स्वतंत्र होगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है।)
    6. सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी शिक्षामित्र द्वारा गलती से अधिक राशि किसी नामिनी के खाते में भेज दी जाती है तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नामिनी द्वारा वो धनराशि उस शिक्षामित्र/सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। इस हेतु प्रदेश समिति गारंटी नही ले सकेगी किंतु नियमानुसार गलती से भेजी गई धनराशि को वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है।)
    7. विशेष परिस्थिति में मौतों के मामले में निर्णय लेने का अधिकार समिति के फाउंडर मेंबर के पास होगा।
    8. यदि किसी के तीन पुत्रियां हैं विवाह योग्य है तो लॉकिंग पीरियड खत्म होते ही वह व्यक्ति दावा करेगा किंतु ऐसी परिस्थितियों में जब व्यक्ति की तीनों पुत्रियां शादी के लायक होंगी तो वह केवल तीन में से एक पुत्री के लिए ही सहयोग की अपील कर सकता है उसके 16 महीने बाद ठीक दूसरी पुत्री के लिए अपील कर सकता है। एक साथ विवाह होने पर एक ही पुत्री को सहयोग किया जाएगा।
    9. पति अथवा पत्नी के संयुक्त रूप से शिक्षामित्र होने पर यदि उनकी बेटी विवाह योग्य है ऐसी परिस्थितियों में केवल एक व्यक्ति का ही सहयोग मिलेगा। अर्थात मां और पिता का दोनों का सहयोग नहीं प्राप्त होगा दोनों में से केवल एक का सहयोग मिलेगा।
  6. वर्तमान समय में सहयोग प्राप्त करने हेतु सभी को सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्य बनने के उपरांत व्यवस्था शुल्क सहयोग की रशीद अथवा ट्रांजक्शन नंबर जारी वेबसाइट पर रसीद अपलोड करना /ट्रांजैक्शन नंबर भरना अनिवार्य होगा।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  7. यदि किसी शिक्षामित्र द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या बीच में किसी का सहयोग नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में वह वैधानिक सदस्य नहीं होगा। ऐसे सदस्य निम्नलिखित नियमो के तहत अपनी वैधानिकता सक्रिय कर सकेंगे-
    1. यदि सदस्य द्वारा बीच में सहयोग लगातार नहीं किया जाता है तो ऐसी दशा में सदस्य द्वारा जिन लोगों को सहयोग नहीं किया गया है उनको सहयोग बाद में करना अनिवार्य होगा लेकिन इस बात का याद रखना होगा कि जब तक बराबर का सहयोग प्रत्येक सदस्य के द्वारा नहीं किया जाएगा वह लाभ से वंचित रहेगा।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है, आंशिक संशोधन लागू)
    2. जो सदस्य किसी कारण से कोई भी सहयोग नही कर पाएंगे, उनको हमेशा के लिए निकालने से अच्छा एक मौका देना है । यदि कोई नया रजिस्ट्रेशन करता है, तो नए समय से लॉकिंग पीरियड होगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है, आंशिक संशोधन लागू होंगे )
    3. किसी अन्य व्यस्तता, पारिवारिक व्यस्तता, समारोह, कार्यक्रम आदि अन्य स्थितियों स्वयं या पारिवारिक आदि की स्थिति में सहयोग छूट जाने की दशा में दावा मान्य नही होगा आपको सहयोग बाद में करने के उपरांत ही आप लाभ पा सकते हैं कहने का मतलब यह है की लगातार सहयोग करना अनिवार्य होगा।
      (यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है)
  8. कम से कम 10 सहयोग हो जाने के बाद यह देखा जा सकेगा कि किसी सदस्य ने 90% अवसरों पर यानी 10 में से 09 बार कम से कम यदि सहयोग किया है, तो उसे किसी 01 का सहयोग न कर पाने के कारण उसकी सदस्यता न तो निलंबित होगी, न ही उसे सहयोग से इंकार किया जायेगा। बशर्ते सहयोग न कर पाने का वाजिब संतोषजनक कारण देना पड़ेगा।<
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  9. सुसाइड या किसी विवादित केस या अन्य केस जो संज्ञान लेने लायक हो, में कोर टीम के पास जांच पड़ताल करके वास्तविक स्थिति से अवगत होने के बाद निर्णय लेने का अधिकार आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग के साथ फाउंडर मेंबर्स का होगा।
    1. वस्तुतः एक से अधिक शिक्षामित्र / सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी मृत्यु की तिथि के क्रम में ही सहयोग किया जाएगा। किंतु यदि किन्ही दो या अधिक शिक्षामित्रों की मृत्यु एक ही तिथि में होती है तो ऐसी स्थिति में उस शिक्षामित्र का सहयोग पहले किया जाएगा जिसके सहयोग करने का प्रतिशत/उम्र अधिक होगा। उसके बाद अन्य का। उपरोक्त प्रकरणों में किसी विशेष परिस्थिति जैसे स्थलीय निरीक्षण न हो पाना, कुछ तकनीकी कमी आदि मामलों में फाउंडर टीम सहयोग के क्रम का निर्णय अपने विवेकानुसार ले सकेगी।
    2. नॉमिनी सम्बन्धी विवाद की स्थिति में प्रदेश फाउंडर टीम परीक्षणोपरांत निर्णय लेने और सहयोग करवाने हेतु स्वतंत्र होगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है।)
  10. उपरोक्त नियमो से इतर हटकर न किसी का सहयोग किया जा सकेगा न ही किसी का सहयोग रद्द किया जा सकेगा।
    (यह नियम स्थापना के समय से ही लागू है)
    1. अनुशासन हीनता, SCS विरोधी गतिविधि या किसी प्रकार की साजिश करने वालो के विरुद्ध SCS समिति के पास निर्णय लेने का अधिकार होगा। कोई भी शिक्षामित्र SCS के साथ-साथ अन्य समान प्रकार के संघो/टीम में सदस्य के रुप में रह सकता है, (इस प्रकरण पर कोर टीम निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होगी) कोई भी व्यक्ति/ शिक्षामित्र शिक्षामित्र से बने सहायक अध्यापक खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना सबूत या आंकड़े प्रस्तुत किये आरोप लगाता है तो टीम उसके विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र होगी।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
    2. टेलीग्राम ग्रुप पर जानकारी हेतु समस्त सूचनाएं समय-समय से प्रदान की जाती हैं। कोई सदस्य टेलीग्राम ग्रुप से सूचनाएं नहीं प्राप्त करता तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
    3. सदस्य हेल्पलाइन के माध्यम से अपना सवाल जवाब प्राप्त कर सकेंगे।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
    4. समय और आवश्यकता को देखते हुए SCS के किसी भी नियमो में कभी भी संशोधन/परिवर्तन किया जा सकेगा।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
    5. SCS सहयोग सीधे दिवंगत परिवारों के नॉमिनी के खाते में करवाती है इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
      (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  11. SCS किसी भी शिक्षामित्र को जबरन या दबाव देकर सदस्य नहीं बनाती है, सदस्यों को नियम स्वीकार करके ही सदस्य बनने का विकल्प प्रदान किया जाता है, स्वेच्छा से कोई भी सदस्य कभी भी खुद को अलग कर सकता है।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  12. SCS से जुड़ने हेतु कोई भी सदस्यता शुल्क नहीं है, कोई भी शिक्षामित्र नियम एवं शर्तो से सहमत होकर रजिस्ट्रेशन करके सदस्य बन सकता है और सहयोग कर सकता है। सहयोग पाने हेतु उपरोक्त नियमो के तहत ही दावेदारी होगी।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  13. SCS का सदस्य बनने के साथ ही SCS के टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ना अनिवार्य होगा क्योंकि सभी आधिकारिक सूचनाएं SCS वेबसाईट/SCS व्हाट्सएप ग्रुप्स/SCS फेसबुक /SCS यू ट्यूब आदि पर ही दी जाएगी।. सुविधाओं के दृष्टिगत सोशल मिडिया के अलावा अन्य माध्यमों से भी सूचनाएं देने का प्रयास किया जायेगा लेकिन यह किया जाना बाध्यकारी नहीं होगा।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  14. सहयोग के दौरान कूटरचित/फर्जी रसीद या नियमो के विपरीत कार्य करने वाले सदस्यों के बारे में फांडर टीम निर्णय लेने हेतु अधिकारी होगी। ऐसे सदस्यो की वैधानिकता भी समाप्त की जा सकेगी और लाभ से भी वंचित किया जा सकेगा।
    (यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
  15. व्यवस्था शुल्क अनिवार्य है ऐच्छिक नहीं है। रजिस्ट्रेशन करने वाले सदस्य वर्ष में एक बार समिति के खाते में मात्र 50/- वार्षिक जमा करके निम्न लाभ प्राप्त कर सकते हैं। व्यवस्था शुल्क का हिसाब समय-समय पर समिति द्वारा दिया जायेगा।

(भविष्य में जरूरतों को देखते हुए नियमो में परिवर्तन का अधिकार शिक्षामित्र केयर समिति के फाउंडर्स मेंबर्स के पास होगा, विवादास्पद स्थिति में समिति के पास निर्णय लेने का अधिकार सुरक्षित होगा।)

किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।
🙏 SCS-आज का सहयोग, कल का सहारा 🙏

शिक्षामित्र केयर समिति हेल्पलाइन नम्बर

9149180898 / 9451417384

कॉल करने का समय प्रातः १० बजे से शाम ५ बजे